April 3, 2025

उद्धव गुट की विशेष अनुमति याचिका। सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग भंग करने की मांग

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शिवसेना की कमान एकनाथ शिंदे गुटबके हाथों जाने के बाद चुनाव आयोग के फैसले से उद्धव ठाकरे तिलमिलाए हुए हैं। उन्होंने कहा है कि फैसला पक्षपातपूर्ण था… उद्धव गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है की चुनाव आयोग को भंग किया जाए।

एकनाथ शिंदे गुट को शिव सेना की कमान देने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका में उद्धव ठाकरे गुट की ओर से कहा गया है कि पार्टी का संविधान पिछले 5 सालों से लागू है और इसकी जानकारी एकनाथ शिंदे को भी थी, याचिका में ये भी कहा गया है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना की प्रतिनिधि सभा को भी नकार दिया। याचिका में ये भी कहा गया है कि चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही। चुनाव आयोग का यह फैसला उसके संवैधानिक कद के अनुरूप नहीं रहा। ठाकरे गुट ने ये भी कहा है कि आयोग ने अयोग्यता की कार्रवाई का सामना कर रहे विधायकों की दलीलों के आधार पर फैसला लेकर गलती की है। पार्टी में टूट की बात के सबूत की गैरमौजूदगी में आयोग का फैसला गलत है।
उद्धव ठाकरे गुट की ओर से ये भी दावा किया है कि उनके पास पार्टी के संगठन का बहुमत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने या यथा स्थिति का आदेश जारी करने की मांग की है। साथ आयोग के आदेश के मद्देनजर अन्य कार्यवाही पर भी रोक लगाने की मांग की है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस में भी यह विवाद हुआ था। समाजवादी पार्टी में भी ऐसा विवाद हुआ था, लेकिन लोग कोर्ट में नहीं गए और फिर अखिलेश यादव को चुनाव चिह्न मिल गया।

मामले में ठाकरे गुट के वकील कपिल सिब्बल ने कहा है कि जो पेपर चुनाव आयोग में सबमिट किए है उसके अंदर क्या लिखा है चुनाव आयोग को देख लेना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारे लिए शिंदे दल का व्हिप मानने की जरूरत नहीं है। इससे पहले चुनाव आयोग ने हमे एक दल, शिंदे को दूसरा दल बताकर दोनो दलों को नाम और चुनाव चिन्ह दिया था जिसपर हमने अंधेरी उपचुनाव लड़ा था।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयोग की अपनी मनमानी नहीं चलेगी। चुनाव आयोग का मेरी मर्जी वाला रवैया नहीं चलेगा। पार्टी फंड के बारे में फैसला लेने का अधिकारी चुनाव आयोग का नहीं है। अगर ऐसा वो करते है तो हम चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

ठाकरे गुट ने याचिका में कहा है कि चुनाव आयोग को शिवसेना पार्टी में किए गए बदलाव की पूरी जानकारी थी। जिसे आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था। ठाकरे की तरफ से ये भी बताया गया कि चुनाव आयोग को प्रतिनिधि सभा की कुल क्षमता के बारे में जानकारी दी थी। पार्टी में बदलाव की जानकारी चुनाव आयोग को 27 फरवरी 2018 को एक पत्र के माध्यम से दी गई थी। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने इस बात को नजरंदाज कर दिया।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के फैसले के साथ अधिकारियों की सीधी भर्ती और उन अधिकारियों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।

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